किसानों की आवाज को दबा रही है भाजपा सरकार: परीक्षित वर्मा
किसानों की आवाज को दबा रही है भाजपा सरकार: परीक्षित वर्मा
●किसानों का भारी संख्या में सड़को पर उतरना सरकार की नाकामी
●फिर से आएगी समाजवादी की सरकार
सहारनपुर/उत्तर प्रदेश: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के भारत बंद के आह्वाहन के चलते इसका मिलाजुला असर देखने को मिला। कई जगहों पर किसानो ने ट्रेनें रोकी और चक्का जाम किया। किसान आंदोलन की आड़ में विपक्षी दलों ने भी सरकार पर दबाव बनाया और आंदोलन को सफल बनाने में किसानों का समर्थन किया। अन्य विपक्षी दलों की तरह समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष परीक्षित वर्मा ने भी भाजपा सरकार पर किसानों की आवाज कुचलने का आरोप लगाया है।
परीक्षित वर्मा भाजपा सरकार पर हमलावर होते हुए बोले कि यह किसान विरोधी सरकार पुलिस और सरकारी बल का इस्तेमाल करते हुए किसानों की आवाज को कुचलने का काम कर रही है जो बहुत ही निंदनीय है और अलोकतांत्रिक तरीका है।सरकार किसानों के दर्द को नहीं समझती है जबकि समाजवादी पार्टी के समय किसान खुशहाल था और उसको फसल का सही दाम मिलता था। भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों से किसान अब त्रस्त हो चुका है और फिर से सपा की ओर देख रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों का इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरना भाजपा सरकार की किसान विरोधी सोच का नतीजा है। अपनी गलतियों और नाकामी को छिपाने के लिए किसानों की दुश्मन यह सरकार विपक्षियों पर ठीकरा फोड़ रही है। सरकार को चाहिए कि वह अपने गिरेबान में झांके और इन काले कानूनों को वापस लेकर पश्चाताप करें।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसान, मजदूर, व्यापारी और युवा वर्ग की पार्टी है। समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में हर वर्ग के अधिकारों को ध्यान में रखकर जाति धर्म से उठकर काम किया जबकि भाजपा सरकार में हर वर्ग की हो रही दुर्गति हो रही है। ऐसे में अब जनता फिर से समाजवादी पार्टी की ओर देख रही है। वह दिन दूर नहीं है जब समाजवादी पार्टी अपना परचम लहराए और जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकास की गंगा बहेगी।
रिपोर्ट-अवनीश
News 10 भारत

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