GST के नियमों में बदलाव से बढ़ेगा व्यापारियों का उत्पीड़न और भ्रष्टाचार- विमल विरमानी
GST के नियमों में बदलाव से बढ़ेगा व्यापारियों का उत्पीड़न और भ्रष्टाचार- विमल विरमानी
सहारनपुर/ उत्तर प्रदेश: जीएसटी के नियमों में हुए बदलाव के बाद व्यापारिक संगठनों में रोष व्याप्त है। व्यापारियों का कहना है कि यह बदलाव व्यापारी हित में नहीं है।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष /जिला अध्यक्ष व मंडल अध्यक्ष विमल विरमानी ने इन बदलावों को व्यपारियों के उत्पीड़न और अधिकारियों के भ्र्ष्टाचार के लिए नए रास्ते खोलने वाला बताया है।
'व्यापारियों पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ'
व्यापारी नेता विमल बिरमानी का कहना है ई-वे बिल के नियमों में बदलाव से जाम की स्थिति में व्यापारियों का सामान होल्ड हो जाएगा जिसके चलते सही व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा और इससे अधिकारियों की मनमर्जी बढ़ेगी जिससे व्यापारियों का उत्पीड़न होना तय है। इसी तरह 50 लाख से ज्यादा की मासिक बिक्री पर 1% टैक्स से व्यापारियों पर बोझ बढ़ जाएगा। बड़े व्यापारियों को नुकसान होगा साथ ही कागजी कार्रवाई का भार भी बढ़ जाएगा।
'व्यापारियों की बढ़ जाएगी मुश्किलें'
उन्होंने कहा कि जीएसटी के नियमों में बदलाव से व्यापारियों को तो नुकसान होगा तो वहीं अधिकारियों को भ्रष्टाचार का नया रास्ता मिल जाएगा। नियमों के बदलाव से सरकार अपना पैसा इकट्ठा करना चाहती है जिससे व्यापारियों को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व्यापारियों का उत्पीड़न किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
'जीएसटी के नियमों के बदलाव के विरोध में उठाएंगे आवाज'
उन्होंने जानकारी दी कि कोरोना काल के चलते व्यापार मंडल की प्रदेश स्तरीय बैठक नहीं की जा सकी लेकिन अब शीघ्र ही प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन कर जीएसटी में हुए बदलाव पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और इस बाबत सरकार से नियमो के बदलाव के विरोध में आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल हमेशा से ही व्यापार हित में कार्य करता आया है भविष्य में भी व्यापारियों के हितों के लिए संघर्ष करता रहेगा। बात चाहे जीएसटी हो या फिर ऐसे किसी और नियम या बदलाव की, संघठन हमेशा व्यापारियों के अधिकारों के लिए लड़ने को तैयार है।
रिपोर्ट-अवनीश
News 10 भारत


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