वेदों के अध्ययन और आचरण से ही समाज सशक्त बनेगा: डॉ. सविता आर्या
वेदों के अध्ययन और आचरण से ही समाज सशक्त बनेगा: डॉ. सविता आर्या
सहारनपुर। आर्य समाज, खलासी लाइन में आयोजित 74वें वार्षिकोत्सव के द्वितीय दिवस पर रविवार को विशेष यज्ञ एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. यज्ञ के मुख्य यजमान श्री अनिल मारवाह अपनी पत्नी रेखा मारवाह के साथ रहे, जबकि यज्ञ की ब्रह्मा डॉ. सविता आर्या (हरिद्वार) रहीं। यज्ञ का संचालन कन्या गुरुकुल की छात्राओं ने पुरोहित्य के माध्यम से किया। इस अवसर पर संन्यासी स्वामी नरदेवानंद (मुजफ्फरनगर), वानप्रस्थी चंद्रमुणि (बिहारीगढ़) सहित अन्य विद्वानों का सम्मान किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के दौरान भजनोपदेशिका चंद्रा आर्या ने भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाते हुए कहा कि जिस घर में माता-पिता का सम्मान होता है, वहां सुख-शांति का वास होता है। वहीं संगीता आर्या (गंगोह) ने अपने भजनों के जरिए लोगों को शुभ कर्म करने और जीवन में सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता आचार्या डॉ. सविता आर्या ने अपने प्रवचन में कहा कि समाज की कमजोरी का कारण भय नहीं, बल्कि वेद-शास्त्रों के अध्ययन और आचरण की कमी है। उन्होंने कहा कि अपने धर्मग्रंथों से दूरी के कारण ही समाज में अज्ञानता और भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। यदि समाज को पुनः सशक्त बनाना है तो ऋषियों के बताए मार्ग पर चलना आवश्यक है।
कार्यक्रम का समापन मैत्रेयी कन्या गुरुकुलम, वेदकुलम (लक्सर, हरिद्वार) की छात्राओं द्वारा शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री प्रीतम सिंह नागियान ने की तथा मंच संचालन डॉ. पूर्णचंद्र शास्त्री ने किया। इस अवसर पर अनिता आर्या, प्रदीप कुमार, सुधीर कुमार, सोमदत्त आर्य, मूलचंद यादव, विजय कुमार गुप्ता, राजकुमार आर्य, शांति देवी, मधु आर्या, मनीराम आर्य, योगराज शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रिपोर्ट :अवनीश कुमार
News 10 भारत


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